कुमार सानू की जीवनी

 


केदारनाथ भट्टाचार्य (कुमार सानू)


संक्षिप्त जीवनी

✦ नाम : केदारनाथ भट्टाचार्य (कुमार सानू)


✦ जन्म स्थान : कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत


✦ जन्म तिथि : 20 अक्टूबर 1957


✦ राशि : तुला (Libra)


✦ ऊँचाई : 5 फीट 11 इंच


✦ राष्ट्रीयता : भारतीय


✦ गृह नगर : कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत


✦ विद्यालय : आर.बी.टी. विद्यापीठ, सिंथी, कोलकाता


✦ कॉलेज : University of Calcutta (बी.कॉम.)


✦ उपनाम : सानू, चानू, मेलोडी किंग (King of Melody)


✦ धर्म : हिंदू धर्म


✦ जाति : ब्राह्मण


✦ व्यवसाय : पार्श्व गायक, संगीतकार, निर्माता, गीतकार एवं रियलिटी शो जज


✦ सक्रिय वर्ष : 1985 से वर्तमान


✦ वैवाहिक स्थिति : विवाहित


✦ जीवनसाथी :

  1. रीता भट्टाचार्य (1993 में तलाक)
  2. सलोनी भट्टाचार्य (2001 में विवाह)

✦ संतान :

  • पुत्र : जिको सानू, जासी सानू, जैको सानू
  • पुत्री : Shannon K, एनाबेल सानू

✦ पिता : Pushpapati Bhattacharya


✦ माता : Rama Bhattacharya


कुमार शानू भारत के मशहूर गायक में से एक हैं। उन्हें बॉलीवुड के संगीत के बादशाह के रूप में जाना जाता है। इन्होनें 1989 से बॉलीवुड में गाना गाना शुरू कर दिया था। और साल 2009 में भारत सरकार के तरफ से पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया है।

 जन्म और परिवार 

 कुमार शानू का असली नाम केदारनाथ भट्टाचार्य है। उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 कोलकाता में हुआ है। वो कलकता बेस्ट बंगाल के रहने वाले हैं। उनकी राष्ट्रीयता भारतीय है। और उनका निक नेम मेलोडी और शानू का राजा है। कुमार शानू की हाइट 5 फीट 11 इंच है। उनकी राशि तुला है. और वो हिंदू धर्म धर्म से संबंधित हैं। उनका जाति ब्राह्मण है. 

 पिता 

 कुमार शानू के पिता का नाम पशुपति भट्टाचार्य है। वो बंगाली शास्त्रीय गायक और संगीतकार के नाम से जाने जाते हैं।
 कुमार शानू के पिता कलकता में स्टेज शो किया करते थे। सिर्फ स्टेज शो ही नहीं बाल्की वो एक म्यूजिक डायरेक्टर भी था। कोलकाता में उनकी बड़ी फेम थी। पशुपति भट्टाचार्य चाहते थे कि उनका बेटा कुमार शानू गायक बने। और कुमार शानू को सिंगिंग लाइन में लेन वाले उनके पापा ही थे। कुमार शानू का पहला म्यूजिक टीचर उनके पिता पशुपति भट्टाचार्य थे। कुमार शानू बचपन से ही अपने पिता के साथ संगीत की प्रैक्टिस करने लगे। कुमार शानू के पिता की 1995 में मृत्यु हो गई।

 माँ 

 कुमार शानू की मां का नाम रमा भट्टाचार्य है। वो एक हाउस वाइफ थी. वो घर में ही रहकर अपने बच्चों का खास ख्याल रखती थी और अपने पति के म्यूजिक करियर में भी उनका काफी सपोर्ट रहता था। सानू के पिता की मृत्यु हो जाने के बाद उनकी मां रामा ने ही कुमार सानू को आगे बढ़ाने में काफी सपोर्ट किया। और 2019 में कुमार सानू की मां रामा भट्टाचार्य की मृत्यु हो गई। 

 भाई 

 कुमार शानू के 1 भाई और 3 बहनें हैं।
 बड़े भाई - दिब्येंदु भट्टाचार्य ये बगली इंडस्ट्री के म्यूजिक डायरेक्टर और सिंगर हैं।

 बहन 

 1. बिजोया भट्टाचार्य (गृहिणी)
 2. रूपा भट्टाचार्य (गृहिणी)
 3. झरना भट्टाचार्य (गृहिणी)।

 स्कूल कॉलेज 

 कुमार शानू ने अपनी स्कूली शिक्षा आरबीटी विद्यापीठ सिंथी कोलकाता से पूरी की है। वो पढाई में औसत था लेकिन उनको पेन्ट करना बहुत पसंद था। वो स्कूल के टाइम पर पढ़ाई करते थे और उनकी पेंटिंग काफी अच्छी भी होती थी। कुमार शानू ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी पेंटिंग अच्छी होने के कारण स्कूल की वार्षिक प्रदर्शनी में उनकी बनाई पेंटिंग को दिखाया जाता था।
 कुमार शानू को स्कूल के समय से ही संगीत का शौक था। और उनके घर में संगीत का माहौल हुआ करता था क्योंकि उनके पिता खुद एक गायक थे। इसलिए कुमार सानू को बचपन से ही म्यूजिक का ज्ञान मिलने लगा।

 कॉलेज 

 कुमार शानू अपने कॉलेज की पढ़ाई कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पूरी कर रहे हैं। अनहोन कॉमर्स मी बैचलर्स की डिग्री हासिल की है। और वो कॉलेज के टाइम से ही स्टेज शो और फंक्शन के बिना गाना गाते थे।

 आजीविका 

 कुमार शानू मध्यम वर्गीय परिवार से. पैसे की तंगी रहती थी.वो कलकता में छोटे-छोटे शो करते थे। लेकिन उन्हें कलकता में ज्यादा कुछ नहीं मिलता था एक शो के 50 से 100 रुपये तक उन्हें मिला करता था। उनको कलकता में कोई बड़ा काम भी नहीं मिल रहा था। फिर उनके पिता ने उन्हें मुंबई जाने के लिए सुझाव दिया। ताकी वहां कुछ बड़ा कर पाये. और वो 1986 में मुंबई चले गए। लेकिन मुंबई में भी कुछ ठीक नहीं था उन्हें काम भी नहीं मिल रहा था। समस्या इतनी थी कि उनके पास कमरे का किराया भी नहीं था। वो मुंबई में कल्याण आनंद जी के गोदाम में रात गुजरते थे।
  कुमार शानू का मुंबई में पहले ब्रेक फिल्म आंधियां 1986 में रिलीज हुई। फिल्म फ्लॉप हो गई लेकिन सानू की आवाज में गाना रिकॉर्ड हो गया।
 1986 से 1989 तक शानू ने काई ऐसी फिल्म में गाने गए लेकिन फ्लॉप हो गया। 


 कुमार शानू का टर्निग पॉइंट 1990 से 
 साल 1990 में आई फिल्म आशिकी में कुमार शानू को गाने का मौका मिला। फिल्म आशिकी रिलीज हुई। ये फिल्म सानू के लिए गेम चेंजर जैसा रहा। फिल्म रिलीज होती ही इतनी तेजी से वायरल हो गई कि कुमार सानू रातो रात सुपर स्टार बन गए।


 1990 से 1999 स्वर्ण युग - सुपरस्टारडम
 1990 से 1999 तक कुमार शानू ने काई ऐसे हिट गाने गाए हैं जैसे


 1990 फ़िल्म आशिकी (अब तेरे बिन जी लेंगे हम)


 1991 फिल्म साजन (मेरा दिल भी कितना पागल )


 1992 फ़िल्म दीवाना (सोचेंगे तुम्हें प्यार)


 1993 फिम बाजीगर (ये काली काली आंखें)


 1994 फ़िल्म (1942)ए लव स्टोरी (एक लड़की को देखा)


 1995 फ़िल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे (तुझे देखा तो)


 1997 की फिल्म परदेश (दो दिल मिल रहे हैं) आदि।


 फिल्म में कुमार शानू का गया हुआ गाना सुपरहिट हुआ। शानू को 1990 से 1995 तक लगातार 5 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले। 
 18 जनवरी 1993 में सानू ने एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड किये। और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया. आज तक कोई भी सिंगर ये रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया। 
 कुमार शानू ने अपने प्योर कैरियर में लगभाग 22000 से भी ज्यादा गाने गा चुके हैं। 


 पुरस्कार 
 1991 से 1995 तक 5 फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार 
 1995 से 1999 तक 3 स्क्रीन पुरस्कार+1 ज़ी सिने+4 बीएफजेए पुरस्कार और 2009 में मुझे भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। 
 कुमार शानू 90 के दशक के मशहूर गायक माने जाते हैं।
 रियलिटी शो इंडियन आइडल सा रे गा मा पा में कुमार शानू जज भी बने हैं।


व्यक्तिगत जीवन और बच्चे 

 कुमार शानू की पहली शादी 1987 में रीता भट्टाचार्य से हुई थी।  और 1994 में मैंने तलाक ले लिया। 

 कुमार शानू की दूसरी शादी 1994 में सलोनी भट्टाचार्य से हुई।  सलोनी भट्टाचार्य हाउस वाइफ हैं।  वो घर में ही रख कर अपने बच्चों का खास ख्याल रखती हैं।  सलोनी भट्टाचार्य घर या बच्चों के साथ-साथ सोनू के सामाजिक कार्यों में भी काफी मदद करती हैं। 

 बच्चे 

 बेटा

 जिको भट्टाचार्य (संगीत निर्माण)

 जान कुमार शानू (पेशेवर गायक और संगीतकार)

 जस्सी भट्टाचार्य (गायक)

 बेटी

 शैनन के- (अंतर्राष्ट्रीय पॉप गायिका और अभिनेत्री)

 एनाबेले कुमार शानू - (गीतकार और लेखिका)


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